शहर के पुराना बस स्टैंड पर स्थित गांधी मार्केट में सेवा भारती की तरफ से संत रविदास उन्नत सिलाई केंद्र में महिलाओं को सिलाई, कड़ाई व बुनाई की कला सिखाई जा रही है। इसमें हर वर्ग की महिलाएं केंद्र में आकर समर्थ किशोरी विकास के साथ-साथ लघु उद्योग को बारीकियों को सीखती है। केंद्र संचालिका राजवंती ने बताया कि यहां पर सिलाई, कड़ाई, बुनाई के साथ महिलाओं को उनके जीवन में आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में भी बताया जाता है। यहां सिलाई सीख रही सोनिया ने बताया की केन्द्र में आने से वह अपने समय का सदुपयोग करने के साथ हस्तशिल्प कला में भी निपुण हो गई है, जिससे अब वह अपना खुद का भी सिलाई केंद्र खोल चुकी है। नेहा ने बताया कि यहां आने से वह अब अपने साथ साथ अपने बच्चों को भी सिलाई, कड़ाई व बुनाई के गुण सीखा रही है, जिससे बचपन से ही वो इन कार्यों में निपुण हो जाए। श्वेता ने कहा कि थोड़ी बहुत सिलाई आने के कारण वह लॉकडाउन में मास्क बनाकर जीविका चलाया करती थी, लेकिन पूरी तरह सिलाई सीखने के कारण अब वह भी अपना खुद का बुटिक खोलने जा रही है।