एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पुलिस पूरी तत्परता से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए कोर्ट में चालान पेश करें। न्याय मिलने में देरी न्याय ना मिलने के समान है। अनुसूचित जाति आयोग का ध्येय अनुसूचित जातियों के कल्याण व विकास को सुनिश्चित करते हुए समाज में सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रविंद्र बलियाला ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में एससी-एसटी एक्ट के तहत जिला से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए ये बात कही। इस दौरान आयोग के वाइस चेयरमैन विजेंद्र बडगूजर व सदस्य रत्तन लाल बामनिया, मीना नरवाल और पारा राम भी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की तरफ से डीसी प्रदीप दहिया, डीसीपी दीपक सहारण सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग द्वारा जिले से संबंधित सूचीबद्ध किए गए एससी-एसटी एक्ट से जुड़े 44 मामलों में संबंधित पक्षों को सुना गया। इस दौरान पुलिस जांच अधिकारी भी मौजूद रहे। चेयरमैन डॉ. बलियाला के नेतृत्व में आयोग ने एससी-एसटी आयोग से संबंधित मामलों को पूरी गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की। पुलिस द्वारा जिन मामलों में जांच बंद की गई है, उनसे संबंधित पक्षों को ध्यानपूर्वक सुना। सूचिबद्ध मामलों में से अधिकतर मामलों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा संतुष्टि जाहिर की गई।