आमतौर पर देखा जाता है कि छोटी-छोटी बातों को हुए विवाद अदालत तक पहुंच जाते हैं और कई सालों तक केस चलते रहते हैं, लेकिन अब ऐसे केस अदालत में जाने की बजाय सामुदायिक मध्यस्तता केंद्र में जाएंगे और केंद्र की टीम मध्यस्थता केंद्र कर दोनों पक्षों में सुलह करवाने का काम करेगी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रदेश के हर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र केंद्र शुरू किए जाएंगे। झज्जर जिले ने इसमें पहल करते हुए गांव इस्मालगढ़ छुछकवास के ग्राम सचिवालय में इसकी शुरुआत बुधवार से कर दी।