फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिसार: गेहूं की नई किस्म से एक एकड़ में बचेगा 8 लाख लीटर पानी

एचएयू कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि प्रदेश में किसानों की कृषि भूमि जोत लगातार कम हो रही है। 80 प्रतिशत किसानों के पास एक हेक्टेयर से कम जमीन है। ऐसे में हमें कम से कम प्राकृतिक संसाधनों में अधिक उपज देने वाली किस्मों को अपनाना होगा। एचएयू ने हाल ही में गेहूं की नई किस्म डब्ल्यूएच 1402 विकसित की है। इस किस्म को महज दो पानी में तैयार किया जा सकता है। किसान यह फसल लगाकर एक एकड़ में करीब 8 लाख लीटर पानी की बचत कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने गेहूं की नई तापमान रोधी पछेती किस्म डब्ल्यू एच 1309 भी बेहतर है। फरवरी- मार्च में तापमान में बढ़ोतरी को यह फसल सहन कर लेती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में कृषि अधिकारी कार्यशाला (खरीफ) 2026 में कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने कहा कि एचएयू की ओर से विकसित किए गए बीजों एवं शोध कार्यों को निरन्तर किसानों तक पहुंचाने के लिए यूनिवर्सिटी तथा कृषि विभाग को तालमेल के साथ काम करना होगा। विश्वविद्यालय जलवायु परिवर्तन, घटते जल स्तर, मृदा स्वास्थ्य में गिरावट तथा बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शोध कर रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से ऐसी उन्नत किस्में और तकनीक विकसित की जा रही हैं जो कम संसाधनों में अधिक उत्पादन दे सकें। यूनिवर्सिटी अब तक फसलों की 309 किस्में विकसित कर चुकी है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें