मनरेगा बचाओ अभियान के तहत लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल के नेतृत्व में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। कांग्रेस के जिला स्तरीय धरने में कांग्रेस के तीनों विधायकों , सांसद नहीं पहुंचे। मनरेगा में बदलाव कर लाए गए कानून के जरिए मजदूरों से उनका रोजी- रोटी का हक छीनने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस मनरेगा के मजदूरों के इस अधिकार को छीनने नहीं देगी। ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने मांग की कि मनरेगा के तहत कार्य दिवसों की संख्या को गारंटी के साथ बढ़ाया जाए। मजदूरी का भुगतान समय पर सीधे बैंक खातों में सुनिश्चित हो। योजना में तकनीकी जटिलताओं को कम कर अनपढ़ मजदूरों के लिए प्रक्रिया सरल बनाई जाए।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा जैसी क्रांतिकारी योजना की आत्मा को ही खत्म कर दिया है। आज मनरेगा के मजदूरों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी जिसे भाजपा ने अपनी गलत नीतियों से तोड़ दिया है। इस मौके पर भूपेंद्र गंगवा, राजेश संदलाना, जेपी ज्याणी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।