मानसी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है। उनका कहना है कि यहां तक पहुंचना बिल्कुल आसान नहीं था। रोजाना करीब 8-8 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने की वजह से वह इस मुकाम तक पहुंच पाईंबातचीत के दौरान मानसी ने बताया कि उनकी मां शिवानी पेशे से डॉक्टर हैं, पिता राहुल गुप्ता सीए हैं और भाई रोहन गुप्ता वकालत करते हैं। परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग पेशा होने के कारण उन्होंने भी अपने लिए अलग रास्ता चुना और आज उन्हें अपनी मंजिल मिल गई है। 24 मई 2000 को यमुनानगर के जगाधरी में जन्मी मानसी ने 12वीं तक की पढ़ाई स्वामी विवेकानंद स्कूल से की। 12वीं कक्षा में कॉमर्स में टॉपर रहने के बाद उन्होंने वकालत की पढ़ाई चुनी और इसके लिए नेशनल लॉ कॉलेज बेंगलुरु में दाखिला लिया।