तोशाम हल्के का सबसे अधिक आबादी वाला गांव दिनोद निगम की जगमग योजना में शामिल होने के बावजूद पर्याप्त बिजली आपूर्ति को तरस रहा है। बड़ा गांव होने के बावजूद तोशाम क्षेत्र के गांव सागवान स्थित 33 केवी पावर सब स्टेशन से ही दिनोद में बिजली आपूर्ति मिल रही है, जबकि गांव में खुद का कोई भी बिजली सब स्टेशन नहीं है। गांव की हद में एक प्राइवेट कंपनी का बिजली संयंत्र लगा है, लेकिन गांव की आबादी खुद पर्याप्त बिजली को मोहताज है। हालांकि ग्राम पंचायत बिजली सब स्टेशन निर्माण के लिए जगह देने को भी तैयार है, मगर निगम प्रबंधन की तरफ से अभी तक इतने बड़े गांव में नया सब स्टेशन निर्माण की कोई कवायद शुरू नहीं की है। गांव दिनोद करीब 20 हजार की आबादी का बड़ा गांव है। गांव में करीब साढ़े तीन हजार से अधिक परिवार यानी घन बने हुए हैं। इन घरों में बिजली आपूर्ति के लिए खंभे और ट्रांसफार्मर तो लगे हैं, मगर आपूर्ति के लिए सब स्टेशन नहीं बना है। फिलहाल पूरे गांव में गांव सागवान के 33 केवी पावर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति मिल रही है। पिछले दिनों तेज अंधड़ की वजह से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई और खंभे व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे में पूरे गांव में तीन से चार दिन तक बिजली भी गुल रही। ग्रामीण बंसीलाल, दिनेश कुमार, महीपाल, धर्मबीर का कहना है कि अगर गांव में बिजली सब स्टेशन का निर्माण होता है तो उन्हें बिजली लाइनों में फाल्ट आने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहने का सामना नहीं करना पड़ता। अगर किसी हिस्से की बिजली आपूर्ति में कोई दिक्कत है तो उसे अलग से बिजली कट लगाकर ठीक किया जा सकता है। लेकिन दूसरे गांव से इस गांव में इलेवन केवी लाइन के जरिए बिजली आने का एक बड़ा नुकसान यह है कि उस लाइन में ही फाल्ट आता है तो पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है।