बारिश ने हाल ही में करीब 12 करोड़ की लागत से बने भिवानी-तोशाम मार्ग की सच्चाई को उजागर कर दिया है। भिवानी से बापोड़ा तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर दायरे की सड़क चौड़ीकरण कार्य के बाद किनारे पर मिट्टी कटाव को रोकने के लिए ईंटों के रोड़े डाले गए थे। मगर बारिश में ये रोड़े भी नहीं टिक पाए और सड़क पर केवल तारकोल की कुछ इंच मोटी परत ही अधर में लटक गई, जबकि नीचे का पूरी निर्माण सामग्री बहकर खेतों में चली गई। अब इस सड़क पर से गुजर रहे भारी वाहनों पर हादसे का संकट मंडरा रहा है। वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद तीन साल तक एजेंसी को रखरखाव का जिम्मा सौंपा गया है।