प्रतिस्पर्धा के इस युग में सभी अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। इसीलिए शायद खुद तमाम तरीकों की मुसीबतों का सामना करके अभिभावक अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ाने की कोशिश करते हैं जहां उन्हें रटाने के बजाय समझाया जाए। गुजरात के बनासकांठा जिले के एक गांव में एक सरकारी स्कूल के टीचर ने बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ऐसा ही तरीका अपनाया है, जहां बच्चों को रटाने के बजाय मजेदार तरीके से समझाया जाता है।