देश की राजधानी की शान और मुगलिया दौर की शानदार निशानी जामा मस्जिद एक बार फिर ईद-उल-अजहा की तैयारियों में पूरी तरह रंगी हुई है। कुर्बानी के दिन की आमद ने इलाके में एक खास रूहानियत भर दी है। हर गली, हर नुक्कड़, हर दुकान पर एक अलग सी चहल-पहल देखने को मिल रही है। इस दौरान रोजाना से ज्यादा भीड़ देखी गई, वहीं पूरे वक्त पुलिस बल तैनात रहा। जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने बकरीद को लेकर कहा कि यह कुर्बानी का दिन नहीं बल्कि तस्लीम और फरमाबरदार का दिन है। क़ुर्बानी सिर्फ़ बंद और तयशुदा जगहों पर करें। ख़ुली सड़कों या गलियों में क़ुर्बानी करने से परहेज़ करें। अपने हमसायों के जज़्बात का लिहाज़ करें। ज़िबा की मनाज़िर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर न डालें। यह दीन और इंसानियत दोनों के ख़िलाफ़ है। यह इबादत है, इसे नफ़रत का सबब न बनाएं।