देशभर की यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन को भी विशेष रोशनी से सजाया गया ताकि आम लोगों में डिस्लेक्सिया जैसे सीखने संबंधी विकार के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। यह पहल उन बच्चों और व्यक्तियों के समर्थन में की गई है, जो पढ़ने, लिखने, बोलने या वर्तनी जैसी क्षमताओं में कठिनाइयों का सामना करते हैं। बावजूद इसके कि वे सामान्य रूप से बुद्धिमान होते हैं। जगमगाती ऐतिहासिक इमारतों और राष्ट्रपति भवन की भव्य रोशनी के जरिए यह संदेश दिया गया कि डिस्लेक्सिया को समझना और प्रभावित लोगों को सहानुभूति व सहयोग देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।