झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ई-रिक्शाओं का बढ़ता दबाव यहां की गति को धीमा कर रहा है। आलम यह है कि शाम को स्ट्रीट लाइट न जलने से पूरा इलाका घुप अंधेरा के साय में छिप जाता है। ऐसे में असामाजिक तत्वों का बोल-बाला हो जाता है। इससे यहां से आने-जाने वाले लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के कारोबारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने पर जो ग्रीन बेल्ट था, वे भी नष्ट हो चुका है। इससे प्रदूषण का असर भी बना रहता है। वहीं, इनका आरोप है कि बिजली की दरों में भी कटौती नहीं की जा रही है। इन सबका असर कारोबार में पड़ रहा है। यह बातें बृहस्पतिवार को झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र के कारोबारियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रखी।