राजधानी दिल्ली में रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उत्तर रेलवे अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। ट्रेनों में तकनीकी खराबियों को समय रहते पहचानने के लिए “हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर (एचएबीडी)” लगाने की योजना शुरू की जाएगी। इससे संभावित रेल हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। योजना के तहत दिल्ली के विभिन्न रेल मार्गों पर करीब 17 हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर लगाए जाएंगे। हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर एक अत्याधुनिक और स्वचालित प्रणाली है, जो चलते हुए ट्रेन के पहियों की धुरी यानी एक्सल के तापमान की निगरानी करती है। यदि किसी डिब्बे या वैगन के एक्सल में असामान्य गर्मी बढ़ती है, तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। आमतौर पर एक्सल में अत्यधिक गर्मी होने से बेयरिंग फेल हो सकती है, जिससे पटरी से उतरने जैसे बड़े हादसे हो सकते हैं। लेकिन यह तकनीक पहले ही खतरे का संकेत देकर रेलवे कर्मचारियों को सतर्क कर देगी, जिससे समय रहते ट्रेन को रोका जा सकेगा और समस्या का समाधान किया जा सकेगा। आमतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों में कई बार तकनीकी खराबियों का पता देर से चलता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।