प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार ‘लखपति दीदी’ और विभिन्न राज्यों से आई एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप ) की महिलाओं के स्टॉल लोगों के लिए किसी खास आकर्षण से कम नहीं हैं। मेले में कदम रखते ही इन स्टॉलों पर उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता ने अब वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। छोटे-छोटे कस्बों, गांवों और पहाड़ी इलाकों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे इन महिला उद्यमियों की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह बताती है कि महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक सफल वास्तविकता है। अपने घरेलू और हस्तनिर्मित उत्पादों को लेकर आई ये महिलाएं देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं।