विश्व सर्प दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में बृहस्पतिवार को कई जागरूकता, प्रशिक्षण और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनका उद्देश्य लोगों को सांपों के महत्व, उनके संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत चिड़ियाघर के कर्मचारियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान और प्रशिक्षण से हुई। इसमें सांपों की जीवविज्ञान, सुरक्षित तरीके से उन्हें संभालने और उनकी वैज्ञानिक देखभाल की जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण वाइल्डलाइफ एसओएस के सहयोग से आयोजित किया गया। बच्चों के लिए सर्प विषय पर डूडल प्रतियोगिता और क्विज भी कराई गई, जिसमें सांपों की पारिस्थितिकी में भूमिका और संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में करीब 50 कर्मचारी, 20 इंटर्न, दो स्वयंसेवक और लगभग 900 आगंतुक शामिल हुए। चिड़ियाघर में फिलहाल सांपों की छह प्रजातियों के 26 वयस्क और तीन नवजात बच्चे हैं। पिछले एक वर्ष में यहां यूवी लाइट, तापमान और नमी की निगरानी प्रणाली, बेहतर बाड़े, कोकोपीट बिछावन और अंडों की कृत्रिम इनक्यूबेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। इन प्रयासों से तीन इंडियन कोबरा के बच्चों का सफल जन्म हुआ है, जबकि रैट स्नेक के अंडों की कृत्रिम देखभाल जारी है। चिड़ियाघर निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि भविष्य में रेप्टाइल हाउस का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जहां आधुनिक तकनीक, बेहतर आवास और आगंतुकों के लिए नई जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।