भारत बोध संवाद जैसी पहले हमारी सभ्यतागत चेतना, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और राष्ट्रीय दृष्टि को सुदृढ़ करती हैं। भारतीय दर्शन, वैदिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को समकालीन विमर्श से जोड़ना आज की आवश्यकता है। ऐसे संवाद राष्ट्र निर्माण की दिशा में वैचारिक आधार प्रदान करते हैं। भगवान राम को भी मानव जीवन में संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने जंगल में 14 साल काटे। वह हमें सीख देते हैं। यह बातें जीबीयू में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत बोध संवाद शृंखला कार्यक्रम में कहीं।