रुपयाें के लेन-देन से जुड़े विवाद में डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट करके अपहरण करने के मामले में खेड़कीदौला थाने की पुलिस ने 21 जनवरी को दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। वर्ष 2024 में पीड़ित द्वारा चोरी किए गए 6.50 लाख रुपये वापस लेने के लिए आरोपियों ने उसके अपहरण करने की साजिश रची थी। पुलिस अपहरण मामले में संलिप्त तीन युवकों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मारपीट व अपहरण करने वाले आरोपियों की पहचान भिवानी (हरियाणा) के बारवास गांव निवासी जयबीर (26) और गारनपुरा गांव निवासी अमन (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई एक कार व एक डंडा बरामद किया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि जयबीर हिसार में ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है और अमन गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्यरत है। आरोपी जयबीर ने बताया कि मामले में शिकायतकर्ता मनजीत निवासी लाड गांव, भिवानी उसका दोस्त था। वर्ष 2024 में जयबीर ने अपना एक ट्रक बेचा था, जिससे प्राप्त राशि उसने अपनी कार में रखी थी। उसी दौरान मनजीत ने उसकी कार में रखे 6.50 लाख रुपये चोरी कर लिए थे। कई बार रुपये वापस मांगने के बाद भी मनजीत उन रुपयों को नहीं दे रहा था। रुपये वापस न मिलने पर जयबीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनजीत का अपहरण करने की वारदात को अंजाम दिया। 21 जनवरी की शाम करीब 5.15 बजे मामले में शिकायतकर्ता मनजीत अपने साथी पंकज के साथ ईको गाड़ी में कंपनी का सामान डिलीवर करके वापस आ रहा था। जब उनकी गाड़ी एसपीआर रोड पर सुजुकी कंपनी के पास पहुंची तो एक स्विफ्ट कार ने उसकी ईको गाड़ी के आगे आकर रूक गई। इसी दौरान एक अन्य गाड़ी से जयबीर व अमन सहित कई युवक उतरे और उन्होंने मनजीत को ईको गाड़ी से जबरदस्ती उतारकर लात-घूंसे व डंडों से मारपीट की। मनजीत को जबरदस्ती अपनी गाड़ी में डालकर अपहरण कर लिया। जयबीर ने पुलिस को बताया कि उनका इरादा मनजीत को डराकर रुपये वापस लेने का था, लेकिन मनजीत के साथ मौजूद पंकज ने पुलिस को सूचना दे दी। ऐसे में गुरुग्राम पुलिस की ईआरवी टीम ने मौके पर पहुंचकर मनजीत को छुड़वा लिया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों जयबीर व अमन को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। मारपीट व अपहरण मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।