देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित सत्र में शामिल हुए पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे ने कहा कि यहां आईएमए है इसलिए देहरादून को वो अपना दूसरा घर मानते हैं। सेना ने हमेशा ही तकनीक का स्वागत किया है और तकनीक तेजी से बदल रही है। इसलिए सेना को अधिक गतिशील होना पड़ेगा। मशीन लर्निंग रिसोर्स समेत अन्य क्षेत्रों में बेहतरी की ओर कदम उठाने होंगे। ऑपरेशन सिंदूर में हमने यह साबित कर दिया कि दुश्मनों पर हमला किस तरह करना है। भविष्य में भी इसी तरह रणनीति बनाकर कार्य करेंगे। कुछ समय में ही सैनिक स्कूल भी दोगुने हुए है।