पांच में से तीन माह का वेतन भी तमाम नियम और शर्तों पर शासन से स्वीकृत हुआ। जिस पर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षक चिकित्सकों ने नाराजगी जताई। उन्होंने शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। काली पट्ट बांधकर सभी चिकित्सक और शिक्षक कार्य कर रहे हैं। ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर में बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। कहा कि शर्तों के आधार पर वेतन भुगतान करना पूरी तरह गलत है। यही नहीं उन्होंने नियमित वेतन भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।