भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया महाद्वीप में अपनी बादशाहत साबित करते हुए आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। दुबई में खेले गए इस बेहद रोमांचक और हाई-स्टेक फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से मात दी। इस खिताबी जीत के साथ ही भारतीय टीम ने न केवल कप पर कब्जा किया, बल्कि साल 2024 के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का पुराना हिसाब भी चुकता कर लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद असाधारण और दबदबे वाला रहा। टीम ग्रुप चरण से लेकर नॉकआउट मुकाबलों और फाइनल तक पूरी तरह अजेय रही, जिससे विरोधी टीमें उनके सामने टिकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुईं।
फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत को इस मजबूत स्थिति में पहुंचाने का श्रेय स्टार ओपनर शेफाली वर्मा और उप-कप्तान स्मृति मंधाना को जाता है। दोनों ही बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेले और बेहतरीन अर्धशतकीय पारियां खेलीं। इन दोनों की ठोस शुरुआत और मध्यक्रम के उपयोगी योगदान की बदौलत भारत ने श्रीलंका के सामने एक पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। जवाब में, 184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में बिखर गई। भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ और कसी हुई फील्डिंग के सामने श्रीलंका की बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरसती नजर आईं।
पूरी श्रीलंकाई टीम 20 ओवरों में महज 111 रनों पर सिमट गई और भारत ने एकतरफा अंदाज में मैच जीत लिया।इस ऐतिहासिक जीत ने महिला एशिया कप के इतिहास में भारत के बेजोड़ रिकॉर्ड को और मजबूत कर दिया है। एशिया कप का प्रारूप चाहे वनडे (ODI) रहा हो या टी20 (T20), भारतीय टीम ने हमेशा इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय किया है, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
भारत ने अब तक कुल आठ बार (2004, 2005, 2006, 2008 में वनडे प्रारूप और 2012, 2016, 2022 और 2026 में टी20 प्रारूप) इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को उठाया है। पूरे इतिहास में भारत को केवल दो बार, यानी 2018 और 2024 में ही फाइनल में उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। यह शानदार खिताबी जीत भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम युग और टीम के भीतर मौजूद विश्व स्तरीय प्रतिभा की एक और बड़ी गवाही है।यदि आप इस फाइनल मैच के प्लेयर ऑफ द मैच, गेंदबाजों के विकेट आंकड़ों या इस टूर्नामेंट से जुड़े किसी अन्य रोचक रिकॉर्ड के बारे में जानना चाहते हैं, तो अवश्य बताएं।