कोंडागांव में जिला दवा विक्रेता संघ कोंडागांव ने 20 मई 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद को लेकर कलेक्टर एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अग्रिम सूचना दी है। संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में प्रशासन से हस्तक्षेप और राज्य व केंद्र सरकार तक अनुशंसा भेजने की मांग की है।
संघ ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन (सीसीडीए) की जिला इकाई है तथा राष्ट्रीय संगठन एआईओसीडी के आह्वान पर यह बंद आयोजित किया जा रहा है। संगठन का दावा है कि देशभर में लगभग 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट एवं औषधि वितरक इससे जुड़े हुए हैं।
ज्ञापन में अवैध ई फार्मेसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817 (ई) को वापस लेने तथा बड़े कॉरपोरेट संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही प्रिडेटरी प्राइसिंग यानी अत्यधिक छूट आधारित मूल्य निर्धारण नीति पर रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही 26 मार्च 2020 की अधिसूचना जीएसआर 220 (ई) को भी वापस लेने की मांग उठाई गई है।
संघ का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री और अनियंत्रित ई फार्मेसी व्यवस्था से बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री, एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग, नकली पर्चों का इस्तेमाल और नकली अथवा गलत तरीके से संग्रहित दवाओं के वितरण का खतरा बढ़ रहा है। इससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
दवा विक्रेताओं ने यह भी कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं, बल्कि सीधे मरीजों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। ऐसे में पंजीकृत फार्मासिस्ट और चिकित्सकीय निगरानी में ही दवा वितरण व्यवस्था संचालित होना आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और लाखों केमिस्टों की आजीविका संरक्षण के लिए इस विषय पर गंभीरता से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।