रायगढ़ जिले में हाथियों ने गांव के ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि घरघोड़ा क्षेत्र के प्रभावित गांव के ग्रामीण अब रतजगा करने पर मजबूर हो चुके हैं। रात होते ही हाथियों का दल खेतों में पहुंच रहा है जिसे गांव के ग्रामीण एकजुट होकर भगाने में जुट रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के जंगलों में इन दिनों कुल 180 हाथियों की मौजूदगी है। जिसमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 115 हाथी तो वहीं रायगढ़ वन मंडल में 65 हाथी शामिल है। हाथियों के इस दल में 49 नर, 80 मादा तो 51 शावक शामिल है। रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज के अंतर्गत आने वाले टेण्डा-नवापारा, भेंगारी और कटंगडीह इलाके में पिछले कुछ दिनों से 48 हाथियों के दल ने डेरा डाला हुआ है। गांव के ग्रामीण बताते हैं कि रात होते ही हाथियांे का यह दल उनके खेतों तक पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में गांव के ग्रामीण अपनी फसलों को बचाने जहां रतजगा करने पर मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात 12 बजे हाथियों का यह दल नवापारा, भेंगारी, चारमार इलाके में एक खेत में अपने दल के साथ उतरा था। इस मामले की जानकारी मिलते ही गांव के ग्रामीण 10 से 12 ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और हो हल्ला करते हुए हाथियांे को भगाया गया। हाथियों के वापस जाते ही वे अपने घर लौटे। घरघोड़ा वनपरिक्षेत्र अधिकारी ने सीके राठिया ने बताया कि उनके क्षेत्र में 48 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। हमारी टीम दिन व रात हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाये हुए है। हाथियों के द्वारा फसल नुकसान करने पर प्रकरण बनाकर मुआवजे की भी तैयारी की जा रही है। गांव के ग्रामीणों से हाथियों से दूरी बनाये रखने अपील भी की जा रही है। हाथियों के दल ने बीती रात धरमजयगढ और रायगढ़ में कुल 42 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जिसमें धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा में 09, कुर्रा में 07 बैगिनझरिया, चोरंगा में 05, सांगुल, कोयलार में 02, खम्हार में 01 के अलावा रायगढ़ वन मंडल के भेंगारी में 08 के साथ-साथ बंगुरसिया में 04 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।