जांजगीर चांपा में मोदी की गारंटी सचिवों का शासकीय करण की मांग पूर्ण नहीं होने पर सचिवों में आक्रोशित है। सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह पैकरा ने जांजगीर चाम्पा जिला के ब्लाक मुख्यालय में पहुंच कर राज्य शासन के आदेश को जलाया और बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को विफल करने का ऐलान किया है। पंचायत सचिवों ने पंचायत संचनालय से जारी पत्र का विरोध करते हुए पत्र को आग के हवाले किया। प्रदेश पंचायत सचिव संघ के द्वारा 17 मार्च से अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे है। जिसमें मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने की मांग कर रहे है। मांग पूरा नहीं होने पर उग्र आंदोल की चेतावनी दी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह पैकरा पंचायत सचिव के आंदोलन में शामिल हुए और 30 मार्च को बिलासपुर में प्रधानमंत्री कार्यक्रम का विरोध करने का ऐलान किया ,उन्हें के कहा राज्य सरकार हमारी मांगों को सरकार बनने के 100 दिन के अंदर पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार को डेढ़ साल होने को है अभी तक किसी तरह से चर्चा नहीं की गई है। जिसके कारण अब पंचायत सचिव अपना अधिकार लेने आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है। आश्वासन पर अपना आंदोलन समाप्त नहीं करने का मन बना लिया है। जांजगीर चाम्पा जिला के सचिव संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि मोदी की ग्यारंटी कह कर चुनाव से पहले बीजेपी ने सचिवों को साधने का काम किया और अब मोदी कि ग्यारंटी को भूल गए है। जिले के 260 सचिव शासकीय करण की मांग को लेकर पांच दिन से अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे है जिससे शासन की योजना ठप्प हो गया है,,जिससे बौखला कर राज्य सरकार ने जिला पंचायत सी ई ओ को पत्र जारी कर पंचायत कार्यों को संपादन कराने और पंचायत निधि के आहरण के सबंध में पत्र जारी किया है,, जिसकी प्रति सचिव संघ ने जलाई है और 1 अप्रेल को आगे की रणनीति तैयार किया जाएगा। पंचायत सचिवों के आंदोलन से पंचायतो में जन्म मृत्यु पंजीयन से लेकर पेंशन और कई कार्य प्रभावित हो गए है,पंचायत सचिव शासकीय करण की मांग को लेकर अब आश्वासन से मानने को तैयार नहीं है, और शासकीय करण कि घोषणा के बाद ही अपना आंदोलन समाप्त करने पर अड़े है।