यह घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की है। जहां एसईसीएल दीपका खदान में हैवी ब्लास्टिंग के कारण एक मकान में पत्थर गिरने से परिवार बाल-बाल बच गया। आमगांव दर्रा खांचा निवासी राजू राठौर के मकान में यह घटना घटी है। जब शुक्रवार को लगभग तीन बजे हैवी ब्लास्टिंग हुई। एसईसीएल दीपका खदान में हैवी ब्लास्टिंग के कारण मकान में पत्थर गिरने से हड़कप मच गया। घर पर मौजूद परिवार बाल-बाल बच गया। परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में बैठे थे। जिससे वे बाल-बाल बच गए। नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी। एसईसीएल प्रबंधन ने मकान से 20 मीटर की दूरी पर हैवी ब्लास्टिंग की है। जिससे मोहल्ला वासी दहशत में हैं। मोहल्ला वासियों की परेशानी है कि आमगांव दर्रा खांचा के निवासी दहशत भरे जीवन जीने को मजबूर हैं। क्योंकि एसईसीएल प्रबंधन अपनी प्रोडक्शन बढ़ाने के चक्कर में खदान को बस्तियों के करीब ले आया है। बताया जा रहा है कि इस बस्ती में लगभग 5 से 6 घर हैं। जिनका एसईसीएल ने अधिग्रहण करने के लिए जमीन की नापी कर ली है। लेकिन अब तक उनका मुआवजा राशि नहीं मिली है। ना ही उनका नाम उसे सर्वे में आया है। जिसके चलते आज वह अपने घर पर काबिज है और खदान प्रोडक्शन करते हुए लगभग घर के करीब आ चुकी है। ऐसे में उन्हें रहना भी मजबूरी है और अगर छोड़कर जाते हैं तो उन्हें डर बना हुआ है कि secl मुआवजा नहीं देगी। आज भी जान जोखिम में डालकर परिवार वहां रह रहा है। जो उनकी मजबूरी बनी हुई है।