जिले में एक गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने मृतका का शव सड़क पर रखकर गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन से आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। 22 वर्षीय ज्योति चौधरी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों ने गर्भ में शिशु की मृत्यु और महिला की गंभीर हालत बताई। बेहतर उपचार के लिए 10 जून को उसे सिम्स बिलासपुर भेजा गया था। कुछ लोगों की सलाह पर परिजन उसे सेमरा तिराहा स्थित डीडी अस्पताल ले गए। वहां चार से पांच दिन उपचार के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए डीडी अस्पताल ने 16 जून को उसे सिम्स बिलासपुर रेफर किया। 17 जून को उपचार के दौरान ज्योति चौधरी की मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। वे मृतका का शव लेकर सीधे डीडी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन से चार घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। परिजन शव लेकर वापस लौट गए।