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GPM News: महिला आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा में तीखी बहस, लागू करने की प्रक्रिया पर मतभेद

Mon, 20 Apr 2026 02:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। दोनों दल इसे लागू करने की प्रक्रिया पर भिन्न राय रखते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 कानून बन चुका है। यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करता है। इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन आवश्यक शर्त हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इसे लागू करने में देरी कर रही है। पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण तुरंत लागू हो सकता है, मौजूदा सीटों में 33 फीसदी आरक्षण देकर। परिसीमन का इंतजार जरूरी नहीं है। भाजपा का पक्ष है कि अद्यतन जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर परिसीमन आवश्यक है। इससे सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व मिलेगा।

जीपीएम कांग्रेस कमेटी ने प्रेस वार्ता में भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे शुरू से ही महिला आरक्षण के समर्थक रहे हैं। उनका दावा है कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की शुरुआत उनके शासनकाल में हुई थी। इस संदर्भ में राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव के प्रयासों का उल्लेख किया गया। कांग्रेस भाजपा पर राजनीतिक उद्देश्य साधने का आरोप लगाती है। भाजपा का कहना है कि कानून के प्रावधानों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पार्टी अद्यतन जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर परिसीमन को जरूरी मानती है। इससे आरक्षण का लाभ सही से लागू होगा। महिला आरक्षण पर यह राजनीतिक बहस आने वाले समय में तेज होने के संकेत हैं। इससे संसद से लेकर जनता के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।

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