बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा स्थित शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान में देर रात लूट की कोशिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मामले में आज मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्ज के दबाव में शराब दुकान की नकदी लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 3:30 बजे चार नकाबपोश युवक गतौरा की शराब दुकान पहुंचे। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को चाकू दिखाकर धमकाया गया और उनके साथ मारपीट करने के बाद हाथ-पैर बांध दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने दुकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे लॉकर तक पहुंचे। लॉकर खोलने के लिए उन्होंने ग्राइंडर कटर और छेनी का इस्तेमाल किया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद लॉकर नहीं काट सके। लॉकर खोलने में नाकाम रहने के बाद आरोपी दुकान से शराब की बोतलें, दो मोबाइल फोन और CCTV का DVR लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर टीम ने अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना (24), पिंटू निषाद (25) और सुशील निर्मलकर (24) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। इसमें मोटरसाइकिल, स्कूटी, गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी और चाकू शामिल हैं। लूटे गए दोनों मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने इससे पहले मोपका स्थित शराब दुकान को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, वहां लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके और वापस लौट गए। इसके बाद गतौरा शराब दुकान में लूट की योजना बनाई गई। वारदात के बाद आरोपियों ने CCTV का DVR भी नष्ट करने के उद्देश्य से नदी में फेंक दिया था। पुलिस के मुताबिक, मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। बताया जा रहा है कि वह पहले शराब दुकानों से नकदी कलेक्शन का काम करता था। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के दौरान शराब दुकानों को निशाना बनाने से जुड़े अन्य मामलों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।