माओवाद प्रभावित क्षेत्र में जहां एक ओर शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी विकास योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन है। वहीं दूसरी ओर अफसरों द्वारा मारपीट की इस तरह घटनाएं इस प्रक्रिया को बाधित करती नजर आती हैं। ऐसा ही एक मामला कुटरू क्षेत्र से सामने आया है। जहां जनपद पंचायत भैरमगढ़ में कार्यरत मनरेगा के तकनीकी सहायक संतोष कुंजाम और ग्राम पंचायत सचिव बाबू राव पुलसे के साथ कुटरू के एसडीओपी ब्रज किशोर यादव द्वारा कथित रूप से की गई। मारपीट से पंचायत कर्मियों के बीच माहौल गर्म हो गया है। यह घटना महज वाहन की साइड न देने से उपजा विवाद नहीं रह गया है। बल्कि यह अब मैदान में काम कर रहे कर्मचारियों की गरिमा के टकराव का बन गया है। बताया जा रहा है कि संतोष कुंजाम विभागीय कार्य से लौट रहे थे, तभी रास्ते में एसडीओपी से उनकी कहासुनी हो गई, जो कथित रूप से मारपीट में बदल गई। घटना के बाद पंचायत विभाग के कर्मचारियों में रोष की लहर दौड़ गई है। वे इसे एक मैदानी कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश बता रहे हैं। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने मिलकर थाने में एफआईआर की मांग की, लेकिन खबर लिखे जाने तक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे विभागीय कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। जब जिले के एसपी और संबंधित एसडीओपी से प्रतिक्रिया लेनी चाही गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।