सरगुजा जिला के अंबिकापुर शहर स्थित गंगापुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सरकारी जमीन पर बने 37 अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई।
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस के साथ हल्की नोकझोंक हुई। कुछ लोगों ने जेसीबी वाहन पर पथराव भी किया, लेकिन बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। संबंधित जमीन पर वर्षों से लोग मकान बनाकर निवास कर रहे थे।
आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त जमीन माफिया ने इस सरकारी भूमि को 50 से 60 हजार रुपये प्रति डिसमिल की दर से बेच दिया था। कई लोगों ने ढाई से तीन लाख रुपये तक खर्च कर यहां मकान बनाए थे। यह भूमि चिकित्सा महाविद्यालय प्रबंधन को आवंटित की गई थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते निर्माण कार्य बाधित हो रहा था। जिला प्रशासन ने करीब एक वर्ष पूर्व ही कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके लोगों ने जमीन खाली नहीं की थी।
कार्रवाई के दौरान लोगों ने अपने घरों से सामान बाहर निकाला। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में करीब पांच एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। वहीं, दो मकानों पर न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के कारण उन्हें यथावत रखा गया।
इस कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) फागेश सिन्हा और तहसीलदार उमेश बाज उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। शहर के मठपारा, चाउरपारा और परिवहन नगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी शासकीय भूमि की अवैध बिक्री के मामले सामने आ रहे हैं। इन पर रोकथाम के लिए अब तक ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।