सीबीआई में जारी हंगामे के बीच देश की सर्वोच्च अदालत ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ मामले की जांच सेंट्रल विजिलेंस कमीशन यानि सीवीसी से कराने के आदेश दिए। कोर्ट के फैसले के मुताबिक ये जांच सीवीसी को महज दो हफ्ते में पूरी करनी होगी और खुद सुप्रीम कोर्ट सीवीसी की जांच की निगरानी करेगा। इस घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात ये है कि अदालत के इस रवैये और आदेश के क्या मायने हैं। क्या सीबीआई की स्वायत्तता खतरे में है ?