शेखपुरा जिले में एनएच-333A पर बुधवार की सुबह एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर ही व्यायाम और योग करना शुरू कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे बीडीओ और पुलिस ने समझा-बुझाकर प्रदर्शनकारियों को हटाया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।
पार्क में शुल्क लगाए जाने से नाराज लोग उतरे सड़क पर
दरअसल, यह विरोध श्यामा सरोवर पार्क में प्रवेश शुल्क लगाए जाने के खिलाफ किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुबह चार बजे से नौ बजे तक पार्क में टहलने और योग करने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने एनएच-333A पर सड़क जाम कर दिया और वहीं पर योग और अन्य व्यायाम करने लगे।
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इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व राजद युवा जिलाध्यक्ष विनय यादव ने किया, जिसे स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह शहर का इकलौता सार्वजनिक पार्क है, जहां रोज सैकड़ों लोग मॉर्निंग वॉक और योग करने आते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा शुल्क लेना गलत है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
बिहार सरकार ने एक अप्रैल से सभी पार्कों में किया शुल्क अनिवार्य
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने एक अप्रैल से राज्य के सभी पार्कों में प्रवेश शुल्क अनिवार्य कर दिया है। इसी के तहत शेखपुरा नगर थाना क्षेत्र स्थित श्यामा सरोवर पार्क में भी शुल्क लागू किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों की मांग है कि सुबह के समय बुजुर्गों और मॉर्निंग वॉक करने वालों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाए।
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प्रशासन को लिखा गया पत्र, लेकिन कोई समाधान नहीं
प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक पार्कों में शुल्क लगाकर आम जनता को परेशान कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सुबह के समय पार्क में प्रवेश निःशुल्क नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन इस मामले पर कोई ठोस जवाब देने से बच रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।