बिहार का हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र चुनावी गहमा-गहमी से गुलज़ार है। यहां के लोगों का मानना है कि इस बार इलाके से जुड़े मुद्दे ही चुनावी नतीजों पर असर डालेंगे। हाजीपुर के लोगों के लिए विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचा प्रमुख मुद्दे हैं। कई लोगों का यह भी मानना है कि इस क्षेत्र के औद्योगिक गलियारे में विकास की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, चुनाव की घोषणा हो चुकी है, और हमारे हाजीपुर में अभी भी कई समस्याएं हैं। जैसे, शहरी इलाकों में सड़कों की समस्या है, और कई विकास कार्य भी हुए हैं, जैसे हाजीपुर में कई जाने-माने औद्योगिक संस्थानों की स्थापना। हालांकि, अभी भी कुछ समस्याएं हैं जैसे ट्रैफ़िक की समस्या, कई जगहों पर नालियों और सड़कों की समस्या। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हाजीपुर का औद्योगिक क्षेत्र, हालांकि काफी बड़ा है, फिर भी उतना विकसित नहीं हुआ जितना होना चाहिए था।
कुछ लोगों का मानना है कि उनके क्षेत्र में बहुत कम विकास हुआ है। उनका साफ कहना है कि वे इस बार ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करेंगे जो वास्तविक परिवर्तन ला सके। हाजीपुर में पिछले 20 वर्षों से कोई विकास नहीं हुआ है और अब तक कुछ भी नहीं हुआ है। हम उसे ही वोट देंगे जो अब सचमुच कुछ काम करेगा। मुख्य मुद्दा विकास है, खासकर सड़कों का काम। हाजीपुर में थोड़ी सी भी बारिश होने पर सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है, और जब भी बारिश होती है, यही हाल रहता है। लोगों को काफी परेशानी होती है। हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र में बिल्कुल भी विकास नहीं हुआ है
कुछ मतदाताओं का कहना है कि इलाके में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाएं काफी नहीं हैं। साथ ही उनकी शिकायत है कि उन्हें जारी किए गए स्वास्थ्य कार्ड से भी सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, प्रधानमंत्री जी जो स्वास्थ्य कार्ड बनवाए हैं, उसमें बहुत गड़बड़ी है। डॉक्टर लोग गड़बड़ी करते हैं। कार्ड से इलाज सही से हो नहीं रहा है। बहुत गरीब मर रहे हैं और ज़्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि, कुछ मतदाता नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में विकास हुआ है और मौजूदा वक्त में चल रही कल्याणकारी योजनाओं से भी वे खुश हैं।