जल संस्थान के उपभोक्ताओं को जुलाई से पानी का ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा। इसका कारण संस्थान की ओर से नौ से पंद्रह फीसदी तक जलकर लगाना है।
तीन हजार और इससे कम हाउस टैक्स देने वालों को नौ फीसदी, जबकि तीन हजार से अधिक हाउस टैक्स वालों को पंद्रह प्रतिशत जलकर चुकाना होगा।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों एक या दो टोंटी वाले उपभोक्ताओं को नौ फीसदी और दो टोंटी से अधिक वालों को पंद्रह फीसदी जलकर चुकाना होगा। पहले तक यह व्यवस्था न होने से अमीर हो या गरीब, कोई कम पानी इस्तेमाल कर रहा हो या अधिक सभी को समान बिल चुकाना पड़ता था।
इस वित्तीय वर्ष से लागू हुई नई व्यवस्था के बाद जुलाई में उपभोक्ताओं को पहला बिल मिलेगा। यानी अप्रैल में लगी यह दर जुलाई के बिल में जुड़कर आएगी।
अधिकतर लोगों की शिकायत आती थी कि हमारे पड़ोसियों का घर तो बहुत बड़ा है, लेकिन पानी का बिल उतना ही आता है। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायत आती थी कि जब हमारे घर दो टोंटी है तो चार टोंटी वालों के जितना ही बिल क्यों आता है। इन शिकायतों को दूर करने को ही यह व्यवस्था लागू की गई है। इससे हर वर्ग का उपभोक्ता खुश है। जुलाई में इन नए दरों के पानी के बिल उपभोक्ताओं में बंटेंगे।
एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान