गंगदासपुर गांव में लगातार बढ़ रहे गंगा के पानी से हालात खराब हो रहे हैं। अब तक 30 परिवार दूसरे गांवों में रिश्तेदारी में शरण ले चुके हैं। कई परिवारों ने अपने पशुओं के साथ गांव छोड़ दिया है। जो लोग गांव में हैं, उनके सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो रहा है।
गंगा पर बने सोपरी तटबंध टूटने के बाद लक्सर तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया है। शेरपुरबेला के बाद गंगदासपुर गांव के ग्रामीण भी गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
गंगा का पानी गांव में भरने के बाद परेशान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बुधवार को गांव के दस परिवारों ने गांव छोड़कर आसपास के गांवों में रिश्तेदारी में शरण ली थी। शुक्रवार को भी 20 परिवारों ने गांव छोड़ दिया है।
राहत शिविरों में नहीं सुविधाएं
कई परिवारों ने अपने पशुओं के साथ रिश्तेदारी में शरण ले रखी है। ग्रामीण राम मेहर, सुखपाल, कालूराम, नेत्रपाल का कहना है कि रायसी में कुछ राहत शिविर बनाए गए हैं, लेकिन वहां सुविधाएं कुछ भी नहीं। प्लास्टिक के टेंट के अंदर कैसे रहेंगे। खाने-पीने के इंतजाम भी ठीक नहीं हैं। इसलिए ग्रामीण ऐसे शिविरों में जाने की बजाय रिश्तेदारी में जाना पसंद कर रहे हैं।
तहसीलदार सोहन सिंह का कहना है कि गंगदासपुर के उन्हीं परिवारों ने दूसरी जगह शरण ली है, जिनके घरों के अंदर तक पानी आ गया है। बाकी परिवार अभी गांव में ही रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के लिए रायसी में शिविर लगाया गया है। ग्रामीण चाहें तो रायसी शिविर में ठहर सकते हैं।