बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर तीसरे दिन सोमवार को भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। यहां बीते शनिवार रात भारी बारिश के चलते हनुमानचट्टी के नजदीक जर्झरगाड़ में आए उफान से हाईवे का करीब 10 मीटर हिस्सा बह गया था।
आवाजाही ठप होने से क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव के लोग मुश्किल का सामना कर रहे हैं। एनएच के कर्मचारी क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में लगे हैं, लेकिन खराब हालात के चलते हाईवे के तीन-चार दिन से पहले सुचारू होने की कोई संभावना नहीं।
गदेरे को पार करने के लिए लकड़ी के फट्टे डाले
ग्रामीणों ने गदेरे को पार करने के लिए लकड़ी के फट्टे डाल कामचलाऊ व्यवस्था की है, लेकिन बगैर किसी सुरक्षा इंतजाम उफनते गदेरे को पार करने में हर पल हादसे का भी डर है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद रावत, चैन सिंह रावत, महावीर पंवार आदि ने प्रशासन से ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
ठेकेदार पर लगाया लापरवाही का आरोप
ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि ठेकेदार ने निर्माणाधीन राना-निषणी मोटर मार्ग तक मशीन पहुंचाने के लिए जर्झरगाड़ पर अवैध तरीके से मलबा डालकर रास्ता बनाया था। बारिश में इसी मलबे ने हाईवे को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हाईवे सुचारू करने के काम को तेजी से किया जा रहा है। कोशिश है कि इसे जल्द से जल्द खोल दिया जाए।
-नवनीत पांडे, अधिशासी अभियंता, एनएच।