मनरेगा कार्यों में आ रही दिक्कतों से परेशान होकर गांवों में कार्य ठप कराने के बाद जिले के प्रधानों ने सोमवार को सभी ब्लाक मुख्यालयों पर मनरेगा के दफ्तरों पर तालाबंदी की। हालांकि बाद में गंगोत्री विधायक द्वारा समस्या का समाधान करने के आश्वासन पर प्रधानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप रावत ने बताया कि मनरेगा में रेत-बजरी की रॉयल्टी 154 रुपये वसूली जा रही है, जबकि अन्य सरकारी कार्यों में यह सिर्फ 110 रुपये है। मनरेगा में अभी भी सीमेंट बैग का रेट 355 रुपये है, जबकि बाजार में 505 हो गया है। मनरेगा जेई के पद रिक्त होने से भी कार्यों में दिक्कत आ रही है। साथ ही इसमें कुशल श्रमिक की बाध्यता रखी गई है, जबकि गांवों में हर कार्य के लिए कुशल श्रमिक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। बार-बार मांग करने पर भी इन समस्याओं का समाधान नहीं होने पर प्रधान आंदोलन कर रहे हैं।
इस मौके पर भटवाड़ी में महेंद्र पोखरियाल, प्रीतम रावत, शैलेंद्री देवी, नरेश चौहान, ममलेश भट्ट, चिन्यालीसौड़ में कोमल राणा, सुरेंद्र पाल, अमोल रावत, रेखा रमोला, डुंडा में महेंद्र पाल परमार, बृजपाल रजवार, शमशेर सिंह, सुरेश रावत, अनिल, नौगांव में बलवंत रावत, चंद्रशेखर पंवार, शीशपाल चौहान, पुरोला में अरविंद पंवार, अंकित रावत, मोरी में मनोज चौहान, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप राज, अनूप राणा सहित कई मौजूद थे।