उत्तरकाशी। कलक्ट्रेट स्थित जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण में दिसंबर से लिपिक (क्लर्क) का पद खाली होने के कारण विभागीय कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद अब तक नए लिपिक की नियुक्ति नहीं हो सकी है जिससे कार्यालय में लंबित फाइलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्राधिकरण का मुख्य दायित्व शहर में बनने वाले भवनों के नक्शों की जांच कर उन्हें स्वीकृत या निरस्त करना, अवैध निर्माण संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करना और निर्माण कार्यों से जुड़े अभिलेखों का रखरखाव करना है। लिपिक के अभाव में फाइलों का पंजीकरण, पत्राचार, नोटशीट तैयार करना, दस्तावेजों का सत्यापन, आदेशों की प्रतिलिपि जारी करना और विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कई प्रकरण अपेक्षित प्रक्रिया पूरी नहीं होने से लंबित हैं जिससे नक्शा स्वीकृति में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द नियुक्ति कर कामकाज को सुचारु बनाने की मांग की है। प्राधिकरण की एई शिवानी मनवाल ने बताया कि नए लिपिक के पद पर जल्द नियुक्ति होने की उम्मीद है। संवाद