नगर में पीलिया से एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोग अभी भी पीलिया से ग्रसित है। वहीं स्थानीय लोगों ने शीघ्र स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बता दें कि इस साल सर्दियों में अपेक्षित बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण गर्मी की शुरूआत में ही जलस्रोत सूखने लगे थे, जिससे बड़कोट नगर में पानी का संकट गहरा गया।
जल संस्थान ने कुछ हैंडपंप पर मोटर लगाकर और कुछ प्राकृतिक स्रोत टेप कर नगर में जलापूर्ति सुचारु तो की, लेकिन बिना उपचारित किए दूषित पानी सप्लाई किए जाने से नगर में बीमारियों का प्रकोप फैलने लगा है। बीते दिनों हुई बरसात के बाद तो प्राकृतिक स्रोतों पर जंगल जलने से दूषित पानी आ रहा है।
बीते एक हफ्ते से पीलिया से पीड़ित सरदार नौटियाल की पत्नी दर्शनी देवी की मंगलवार को मौत हो गई, जबकि नगर में अब भी कई लोग पीलिया आदि जलजनित बीमारियों से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जल संस्थान पानी के शुद्धीकरण के लिए इसमें दवा डालने में भी कंजूसी बरत रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. अंगद राणा ने स्वीकारा कि दूषित पानी के उपयोग से बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। बीते करीब एक माह से अस्पताल में रोजाना 3-4 मरीज पीलिया के आ रहे हैं। पहले इस तरह की शिकायतें बरसात के सीजन में आती थीं।
पालिकाध्यक्ष अतोल रावत ने नगर में दूषित पेयजल आपूर्ति पर चिंता जताते हुए जल संस्थान से ब्लीचिंग पाउडर के प्रयोग से पानी शुद्ध करने को कहा है। जल संस्थान के एई लोकेंद्र कुमाईं ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्राकृतिक स्रोत से पानी टेप किया गया है। कर्मचारियों को नियमित तौर पर ब्लीचिंग पाउडर डालने के निर्देश दिए गए हैं।