सूपिन नदी पर हरकीदून ट्रैक व खेतों-गोशालाओं को जोड़ने वाली पुलिया हुई जर्जर
वन विभाग ने 10 वर्ष पूर्व बनाई थी पुलिया
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ गांव पवाणी के ग्रामीणों के मुख्य मार्ग और हरकीदून ट्रैक को जोड़ने वाला सूपिन नदी पर बना लकड़ी का पुल कई वर्षों से जर्जर बना है। ग्रामीण और ट्रैकर्स जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे थे। जब प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों की नहीं सुनी तो अब ग्रामीणों ने सूपिन नदी के तेज बहाव पर स्वयं ही पुलिया का निर्माण शुरू कर दिया है।
पवाणी गांव के ग्राम प्रधान यश पंवार ने बताया कि उनके गांव की मुख्य खेती और गोशालाओं को जोड़ने के लिए वन विभाग की ओर से करीब 10 वर्ष पूर्व सूपिन नदी पर एक लकड़ी की पुलिया बनाई थी। वहीं, पुलिया से हर वर्ष हजारों पर्यटक और ट्रैकर्स हरकीदून ट्रैक पर जाते हैं लेकिन प्रशासन और वन विभाग की अनदेखी के कारण यह पुल कई वर्षों से जर्जर स्थिति में था।
सूपिन नदी के तेज बहाव से बचने के लिए ग्रामीण और ट्रैकर्स इस पर रस्सी बांध कर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते थे। कई बार पुलिया के निर्माण की मांग की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि वन विभाग की ओर से ट्रैक पर जाने वाले ट्रैकर्स से शुल्क भी लिया जाता है लेकिन फिर भी उनकी सुगम आवाजाही के लिए पुलिया का निर्माण नहीं किया गया।
पंवार ने बताया कि हर दिन ग्रामीण इस पुलिया से अपने खेतों और गोशालाओं में जाते हैं। हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता। इसलिए अब ग्रामीणों ने स्वयं ही क्षतिग्रस्त पुलिया को तोड़कर नई पुलिया का निर्माण शुरू कर दिया है। कहा कि एक-दो दिन में कार्य पूरा होने के बाद पुलिया पर सुरक्षित आवाजाही हो पाएगी।