बढ़ती आबादी के दबाव में नगर पंचायत की पेयजल व्यवस्था चरमराने लगी है। पेयजल किल्लत से गुस्साए लोगों ने शीघ्र आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल संस्थान की टास्क फोर्स ने नगर में अवैध रूप से जोड़े गए पानी के 23 कनेक्शन काट दिए।
नगर पंचायत बनने के बाद से चिन्यालीसौड़ नगर की आबादी निरंतर बढ़ती जा रही है। अंतर क्षेत्रीय पलायन के चलते आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग नगर पंचायत क्षेत्र में बस रहे हैं।
बीते पांच सालों में ही नगर की आबादी दोगुनी हो चुकी है। ऐसे में नागरिक सुविधाओं से संबंधित तमाम व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और सबसे ज्यादा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। यहां अभी तक दस साल पुरानी पेयजल योजना से ही जलापूर्ति की जा रही है।
नगर में 1300 से ज्यादा पेयजल कनेक्शन हैं। बूढ़ी हुई पेयजल योजना वर्तमान में नगर की करीब 15 हजार आबादी की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है। पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने रविवार को बुद्धिजीवी नागरिकों, सभासदों को साथ लेकर जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने जल संस्थान से शीघ्र नगर की पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने एक हफ्ते के भीतर जलापूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जल संस्थान के ईई विरेंद्र वर्मा ने बताया कि विभाग की टास्क फोर्स ने नगर में अवैध रूप से संचालित पानी के 23 कनेक्शन काट दिए हैं। नगर की जरूरत के हिसाब से जलापूर्ति के लिए नए सिरे से योजना बनाई जा रही है, जिनके कनेक्शन काटे गए हैं उन्हें नियमानुसार ही दिए जाएंगे।