गोमुख से गंगजल भरकर अपने घर की और पैदल जाते कांवड़िया।
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यात्रा के कुछ दिनों की सुस्ती के बाद अब गंगोत्री घाटी कांवड़ियों के बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगी है। रोजाना 50 कांवड़ी गंगाजल भरने गोमुख पहुंच रहे हैं। इस बार काफी संख्या में हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश के अलावा राजस्थान से भी शिव भक्त पहुंच रहे हैं।
गंगोत्री हाईवे और 18 किमी के गंगोत्री गोमुख ट्रैक अच्छी हालत में होने के बावजूद एक माह से यात्रा में सुस्ती छाई हुई थी। इस सप्ताह से कांवड़ियों की टोलियां अपने वाहनों के साथ काफी संख्या में गंगोत्री पहुंच रहे हैं।
अधिकांश बड़े कांवड़ दल गंगोत्री से ही जलभर रहे है, जबकि कई लोग गोमुख तक पहुंचकर जल भर रहे हैं। अलवर राजस्थान से सात जुलाई को गोमुख से गंगाजल भरकर लौटे कांवड़ी गिरीराज प्रसाद, लक्ष्मीनारायण सैनी, ईश्वरी चंद आदि बताते है कि गंगोत्री तक सड़क अच्छी हालत में है। गोमुख का रास्ता भी ठीक है। भोजवासा में कुछ सरकारी कार्यालय और लालबाबा का ढाबा पैदल रास्ते की थकान मिटा देते हैं।
गोमुख ट्रैक पर अब तक पांच हजार देशी-विदेशी महिला-पुरुष पर्यटक पहुंच चुके हैं। कांवड़ सीजन शुरू हो गया है। रोजाना 50 कांवड़ियों का जत्था गंगाजल लेने गोमुख पहुंच रहे हैं। अभी तक 300 से ज्यादा कांवड़ी गोमुख से जल भर कर लौट चुके हैं।
-प्रताप पंवार, रेंजर गंगोत्री नेशनल पार्क।