नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) के उत्तरकाशी-लंबगांव रोड के निकट निर्माणाधीन कूड़ा निस्तारण केंद्र पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बाड़ागड्डी पट्टी के दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों ने केंद्र के निर्माण का विरोध करते हुए पालिका के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
जिला प्रशासन ने पालिका को उत्तरकाशी-लंबगांव रोड पर वैज्ञानिक विधि से कूड़ा निस्तारण के लिए करीब आठ नाली भूमि उपलब्ध करवाई है, जिसके बाद मई में पालिका ने जमीन के समतलीकरण का काम शुरू करवाया, लेकिन तिलोथ, मांडो, जसपुर, थलन, मानपुर, धनपुर, किशनपुर, अलेथ, कुरोगी, कंकराड़ी, भेलुड़ा, बौंगा, कोटी, डांग गांवों के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने दो जून को निर्माणस्थल पर पहुंचकर केंद्र का विरोध किया था। अब ग्रामीणों ने कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जो कि कोर्ट ने स्वीकार कर ली है।
तिलोथ क्षेत्र से सभासद गोविंद गुसाईं का कहना है कि जिस भूमि पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया जा रहा है, उसके पास ही घनी आबादी है। पीने के पानी की टंकी, छात्रावास और नीचे स्कूल है। वनभूमि क्षेत्र महज दस मीटर की दूरी है। उन्होंने चारधाम यात्रा के वैकल्पिक मार्ग के मध्येनजर कूड़ा निस्तारण केंद्र की जगह यात्री विश्राम गृह का निर्माण करने की मांग की है। इधर, पालिका के ईओ सुशील कुरील का कहना है कि निर्माणाधीन स्थल आबादी, नदी और वन क्षेत्र से दूर है। जहां जांच के बाद ही निर्माण शुरू किया गया है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 14 जुलाई को होनी है।
तांबाखाणी रोड पर दो सालों से सड़ कूड़ा
यह पहली बार नहीं है, जब पालिका के कूड़ा निस्तारण केंद्र का विरोध हुआ है। हाईकोर्ट के आदेशों के चलते करीब तीन साल पूर्व पालिका को भागीरथी नदी किनारे तेखला गदेरे में कूड़े की डंपिंग बंद करनी पड़ी, जिसके बाद से ही पालिका कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन तलाश रही है। इस दौरान लंबे समय तक शहर के बीचोंबीच रामलीला मैदान में भी कूड़ा डंप रहा। बाद में कंसैण गांव के निकट, मांडों गांव के पास भी प्रयास किए गए, लेकिन वहां भी ग्रामीणों के विरोध के चलते कूड़ा निस्तारण केंद्र नहीं बन पाया। वर्तमान समय में करीब दो सालों से तांबाखाणी रोड पर अस्थाई रूप से शहरभर का कूड़ा डंप किया जा रहा है।
क्षेत्र के ग्रामीणों के हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का मामला संज्ञान में है, जो भी हाईकोर्ट का आदेश होगा, उसी अनुरूप कार्य किया जाएगा।
मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।
हर जगह विरोध होगा तो केंद्र का निर्माण कहां होगा। ग्रामीणों को ये गलतफहमी है कि वहां कूड़ा डंप होगा। जबकि ऐसा नहीं है। वैज्ञानिक विधि से कूड़ा निस्तारण होगा। जो पूरी तरह से कवर्ड होगा।
रमेश सेमवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका बाड़ाहाट।