उत्तरकाशी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से ठकराल पट्टी के एक दर्जन गांवों का बीते तीन दिनों से तहसील मुख्यालय से सड़क संपर्क कटा हुआ है। शुक्रवार को इस हिस्से में जोखिम उठाकर नदी पार कर रहा एक टैक्सी वाहन नदी के तेज बहाव में फंस गया, जिसे भारी मशक्कत कर सुरक्षित बाहर निकाला गया गया।
ठकराल पट्टी के थान, नगाणगांव, पालर, मस्सू, मसालगांव, खांड आदि करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ने के लिए दशकों पूर्व रवाड़ा-नगाणगांव मोटर मार्ग बना था। वर्ष 2012 में यमुना नदी में आयी बाढ़ में इस सड़क को यमुनोत्री हाईवे से जोड़ने वाले मोटर पुल की एप्रोच रोड बह गई थी। तब सरकार ने बही एप्रोच रोड वाले हिस्से में 54 मीटर स्पान का मोटर पुल स्वीकृत किया था। जो अभी निर्माणाधीन है।
तब से इस हिस्से में यमुना का पानी कम होने पर नदी के मलबे के ऊपर से ही वैकल्पिक रास्ता तैयार कर वाहनों की आवाजाही की जाती है। शुक्रवार को इस हिस्से को जोखिम उठाकर पार कर रहा एक टैक्सी वाहन यमुना के तेज बहाव में फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने करीब एक घंटे तक भारी मशक्कत कर इस वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला।
नदी के तेज बहाव को देखते हुए फिलहाल यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई आरपी चमोली का कहना है कि रवाड़ा-नगाणगांव मोटर मार्ग पर बही एप्रोच वाले स्थान पर पुल का निर्माण अंतिम चरणों में है। दो माह के भीतर यह पुल तैयार हो जाएगा।