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उत्तरकाशी : धरासू और डुंडा रेंज के जंगलों में धधकी आग

Thu, 05 Mar 2026 06:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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मुखेम, टकनौर और बाड़ाहाट के जंगलों में लगातार बढ़ रही है घटनाएं
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वन विभाग की तैयारी मॉक डि्रल तक सीमित
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी वन प्रभाग के विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं विकराल होती जा रही है। बीते बुधवार देर रात को धरासू और डुंडा रेंज के जंगल देर रात तक जलते रहे। साथ ही अन्य रेंज मुखेम, टकनौर, बाड़ाहाट आदि क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही है लेकिन वन विभाग की ओर जंगलों की आग को रोकने के लिए अभी भी कोई ठोस योजना नहीं है। बल्कि विभाग मात्र जनपद से लेकर ब्लॉक स्तर तक मॉक डि्रल तक ही सीमित रह गया है।
फायर सीजन होते ही जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ने लगी हैं। हालांकि अभी आग जंगलों तक ही सीमित है लेकिन अगर जल्द ही इसके लिए ठोस योजना नहीं बनाई जाती है। तो यह मानव बस्ती के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है। वहीं, वनाग्नि के कारण पूरे जनपद में धुंध छाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार डुंडा रेंज के तहत सिंगुणी गांव के समीप और धरासू रेंज के तहत जुणगा गांव के समीप जंगल देर रात तक जलते रहे। साथ ही अन्य रेंजों में भी लगातार वनाग्नि की घटनाएं देखने को मिल रही है लेकिन वन विभाग की ओर से इसके लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। साथ ही मौसम के भरोसे ही जंगलों की आग बुझने की उम्मीद कर रही है।
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वन विभाग की ओर से पिछले दिनों जनपद स्तर पर मॉकडि्रल का आयोजन किया गया। साथ ही अब ब्लॉक स्तर पर भी इसके आयोजन की तैयारी है लेकिन ग्राउंड जीरो पर वनाग्नि को काबू करने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। डीफओ डीपी बलूनी का कहना है कि वनाग्नि को रोकने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। क्रू स्टेशनों से लगातार संपर्क कर वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी लेकर उसे रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन से भी सहयोग लिया जा रहा है।
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