मोरी ब्लॉक के सुदूरवर्ती लिवाड़ी गांव में अज्ञात बीमारी से दो बालिकाओं की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक बच्चे इसकी चपेट में है। प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने के कारण अधिकांश बच्चों की स्थिति खतरे में बताई जा रही है।
मोरी ब्लॉक के अंतिम गांव लिवाड़ी में गत 15 दिनों से एक दर्जन से अधिक बच्चे अज्ञात बीमारी की चपेट में है। अज्ञात बीमारी से बच्चों के मुंह और गले में सूजन आ रही है। रीतिना (12) पुत्री ईश्वर सिंह ने शुक्रवार शाम मोरी लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि रविंद्री (13) पुत्री जितेंद्र का देहरादून के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गांव में एक दर्जन से अधिक बच्चे इसकी चपेट में बताए जा रहे है।
स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मी अभी तक गांव नहीं पहुंचा है। मोटर मार्ग से 15 किमी पैदल होने के कारण मरीजों को पीठ में लादकर सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। प्रधान सुस्तानी देवी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पूर्व बीमारी के संबंध में उत्तरकाशी सीएमओ कार्यालय को बताया था।
इसके अलावा मोरी प्राथमिक स्वास्थ्य प्रभारी को भी बता दिया था, लेकिन कोई डाक्टर टीम गांव नहीं पहुंची। गांव की पेयजल योजना गत पांच वर्ष से क्षतिग्रस्त हो रखी है। ग्रामीण स्रोतों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने पर भी पेयजल योजना ठीक नहीं की जा रही है।
चिकित्सकों की दो टीमें गांव भेज दी गई है। बीमारी पर नियंत्रण के लिए जखोल गांव में भी कैंप लगाया जा रहा है। ब्लड जांच के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा।
डा. मेजर वचन सिंह रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी।