नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना की सुरंग की खुदाई का काम पूरा हो गया है। सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने 60 मेगावाट की नैटवाड़ मोरी जल विद्युत परियोजना की 4.3 किलोमीटर लंबी हेड रेस सुरंग की खुदाई के पूरा होने के प्रतीक के रूप में आखिरी ब्लास्ट को ट्रिगर किया।
मंगलवार को एसजेवीएन के अध्यक्ष ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की हेड रेस टनल, बैराज, पावर हाउस, सर्ज शॉफ्ट और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन का जायजा लिया। साथ ही एसजेवीएन की नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना के लिए सभी सुविधाओं से युक्त कार्यालय परिसर का उद्घाटन करते हुए शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन जिस तेजी से काम कर रही है, उससे वर्ष 2040 तक 25000 मेगावाट की कंपनी बनने का लक्ष्य जरूर पूरा होगा। उन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए कर्मचारियों के काम के प्रति समर्पण और मेहनत की सराहना की। बताया कि एसजेवीएन परियोजना से उत्पन्न बिजली के ट्रांसमिशन के लिए लगभग 37 किलोमीटर की अपनी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जा रहा है। जिसे अप्रैल 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि परियोजना प्रभावित परिवारों को 10 साल तक प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली लागत के बराबर राशि प्रदान की जाएगी। अध्यक्ष ने बताया कि नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना के अधिकार देने के बाद हर साल 265.5 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना से उत्तराखंड राज्य को रॉयल्टी के रूप में 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली प्राप्त होगी।