उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि व्यक्तियों की गलत नीतियों और नियत के चलते उक्रांद ने जनता का विश्वास खोया है, लेकिन पार्टी की नीति और संविधान में कभी कोई खोट नहीं रहा है। दल में अब पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट और प्रीतम पंवार जैसे धोखेबाज पैदा न हो इसके लिए दल ने नई रणनीति तैयार की है।
वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में यदि किसी क्षेत्र से उक्रांद प्रत्याशी जीतकर विधानसभा में आता है, तो सरकार बनाने के लिए उक्रांद किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेगी। पत्रकार वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष पंवार ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेलने का काम किया है।
विधायकों की खरीद फरोख्त कर देवभूमि का नाम बदनाम किया है। मूल निवास और स्थाई राजधानी को लेकर उक्रांद ने 2008 में भाजपा और 2013 में कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस ले लिया, लेकिन कुछ लोग अपने व्यक्तिगत हितों को देखते हुए उक्रांद को मजधार में छोड़कर सत्ता के साथ बने रहे। उन्होंने बताया कि उक्रांद पूरे 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा। पहले चरण में 26 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी गई है।
गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र से विष्णुपाल सिंह रावत पार्टी के प्रत्याशी होंगे। बताया कि इस वर्ष 31 दिसंबर तक दल ने ढाई लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष पूरण चंद रमोला, कुंदन पोखरियाल, ओम प्रकाश निरंकारी, जेठू लाल भारती, रविंद्र नौटियाल भी उपस्थित थे।