मौसम में आए बदलाव के चलते इस बार समय से पहले गर्मी शुरू होने के साथ पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है। ट्रैकिंग व्यवसायियों ने मौसम को देखते हुए शीघ्र गोमुख तपोवन क्षेत्र में ट्रैकिंग की अनुमति देने की मांग की है।
इस बार सर्दियों में अपेक्षित बर्फबारी नहीं होने और तापमान में इजाफा होने के कारण फरवरी दूसरे पखवाड़े से गर्मी का अहसास होने लगा है। मैदानी इलाकों में तपिश बढ़ने पर पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों का रुख करने लगे हैं। हरकीदून, केदारकांठा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। ट्रैकिंग गाइड श्रीचंद, चैन सिंह, भगत रावत आदि ने बताया कि इस बार क्षेत्र में निरंतर पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है। इधर, गंगोत्री घाटी की ओर भी पर्यटकों का रुझान तो बढ़ा है, लेकिन अभी गोमुख, तपोवन क्षेत्र में ट्रैकिंग की अनुमति नहीं मिलने के कारण पर्यटक उत्तरकाशी, हर्षिल से ही लौटने को मजबूर हैं।
योग के गुर सीखने के लिए स्पेन, आस्ट्रिया, अमेरिका आदि देशों के 38 पर्यटक नेताला स्थित सेवानंद कुटीर ज्योति आश्रम पहुंचे हैं। शुक्रवार को पर्यटकों ने मंदिरों के दर्शन किए। योग प्रशिक्षक हरीश नौटियाल ने बताया कि पर्यटक बीस मार्च तक योग के गुर सीखेंगे। ट्रैकिंग एसोसिएशन के सचिव जयेंद्र राणा ने बताया कि बड़ी संख्या में ट्रैकिंग दल गोमुख, तपोवन जाना चाहते हैं, लेकिन अभी गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण पर्यटक मायूस हैं।
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जल्द ही टीम भेजकर गंगोत्री-गोमुख ट्रैक की स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसे शीघ्र दुरुस्त कराकर पर्यटकों को अप्रैल से गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
प्रताप पंवार, वन क्षेत्राधिकारी, गंगोत्री नेशनल पार्क।