भूकंप के लिहाज से संवेदनशील उत्तरकाशी और चमोली जिले में कभी ज्यादा तीव्रता का भूकंप आया तो हालात क्या होंगे और कैसे इससे निबटेंगे, बृहस्पतिवार को दोनों जिलों में इसका मॉक ड्रिल किया गया।
उत्तरकाशी में सुबह साढ़े नौ बजे बड़े भूकंप की सूचना के साथ जिला मुख्यालय पर सायरन गूंज उठे। संस्कृत महाविद्यालय उजेली, कलक्ट्रेट परिसर, बिड़ला धर्मशाला, सिंचाई कालोनी जोशियाड़ा और जिला अस्पताल में आपदा प्रबंधन तंत्र की परख शुरू हो गई। आईटीबीपी, पुलिस, फायर सर्विस, एनआईएम, एसडीआरएफ, बीआरओ, सेना, होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी, एनएसएस और विभिन्न एनजीओ के जवान और स्वयंसेवी स्टेजिंग एरिया आजाद मैदान में एकत्र हुए।
डीएम विनय शंकर पांडेय ने टास्क फोर्स एवं सेवन डेस्क सिस्टम के नोडल अधिकारियों को खोज एवं बचाव तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए निर्देशित किया।
चीफ ऑपरेशन एसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बचाव दलों को तत्काल भूकंप पीड़ित स्थलों के लिए रवाना किया। तीन घंटे तक चले खोज एवं बचाव अभियान में सेना की 12 ग्रेनेडियर के मेजर अभिषेक गोस्वामी, आईटीबीपी के कमान