उत्तरकाशी के खरसाली में यमुना मंदिर के सामने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते यमुनोत्री मंदिर के ती?
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प्रदेश सरकार द्वारा पारित देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के विरोध में गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। कलक्ट्रेट परिसर में चल रहे धरने के नवें दिन आक्रोशित पुरोहितों ने मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकालकर अपना विरोध जताया। साथ ही जल्द ही मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
तमाम विरोध के बावजूद सरकार ने चारों धामों सहित प्रदेश के 51 मंदिरों की समीतियों व उप समितियों को देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के अधीन कर दिया है। इसके विरोध में गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों द्वारा कलक्ट्रेट में दिया जा रहा धरना नवें दिन भी जारी रहा। रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकाली। कलक्ट्रेट से केदारघाट तक निकाली गई शव यात्रा के दौरान पुरोहितों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार द्वारा जल्द ही इस विधेयक को निरस्त नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। प्रदर्शनकारियों में दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, राकेश सेमवाल, अशोक सेमवाल, मानेंद्र सेमवाल सहित कई शामिल थे।
उधर, यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने भी रविवार को मां यमुना के मायके खरसाली गांव में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुरोहितों ने कहा कि सरकार ने यह विधेयक पारित कर अनादिकाल से चली आ रही धार्मिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया है। सत्ता के मद में निरंकुश हो चुकी भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए पुरोहित समाज अंतिम समय तक अपना आंदोलन जारी रखेगा। इसके तहत आगामी 18 तारीख को जिला मुख्यालय पर सभी धामों के तीर्थ पुरोहित मिलकर महारैली निकालेंगे। इसके बाद भी सरकार ने विधेयक को निरस्त नहीं किया, तो तीर्थ पुरोहित आगामी चारधाम यात्रा का बहिष्कार करेंगे। साथ ही मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाएंगे। प्रदर्शनकारियों में आशुतोष उनियाल, अनीश उनियाल, वेदप्रकाश उनियाल, सच्चिदानंद, कृत्तेश्वर उनियाल, शिव प्रसाद, भागेश्वर उनियाल, अरविंद उनियाल आदि पुरोहित शामिल रहे।